भाकृअनुप-केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान

 
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Farmers Advisory
शुष्‍क बागवानी पर किसानों को सलाह

किसानों के लिए शुष्‍क बागवानी फ़सलों के बारे में सलाह-4

किसानों के लिए शुष्‍क बागवानी फ़सलों के बारे में सलाह-3

किसानों के लिए शुष्‍क बागवानी फ़सलों के बारे में सलाह-2

किसानों के लिए शुष्‍क बागवानी फ़सलों के बारे में सलाह-1

A caratenoids rich watermelon

It is one of the most widely cultivated crops in the world and its global consumption is greater than that of any other cucurbit. widely cultivated in India. carbohydrates (6.4 g/ 100g), vitamin A (590 IU) and lycopene (4100 varieties. Presently the red fleshed varieties are widely cultivated in India amount of carotenoid content. is demand of varieties rich in varieties is often a challenge to attract consumers. possess varying flesh colour nutrients. Keeping in view, identified watermelon (YF 5-2-7) which content (8.70-9.61 µg/ g FW) in comparison to 4.14 µg /g FW carotenoid content. having dark green rind with very narrow stripes 7 produced round fruits weighing 2.5 3-4 fruits/ plant. Read More



Virtual IRC Meeting, ICAR-CIAH, Bikaner


The virtual Institute Research Committee meeting was started today dated 13-07-2020 at 10.30 AM. The meeting was chaired by Prof. (Dr.) P. L. Saroj, Director, ICAR-CIAH, Bikaner. All scientists of the Bikaner and CIAH Regional Station, CHES, Vejalpur were attended the meeting. The meeting was inaugurated by Dr. B. K. Pandey, ADG (HS), ICAR, New Delhi.

संस्थान की राजभाषा पत्रिका ''मरु बागवाणी'' को गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार

संस्था।न की राजभाषा पत्रिका ''मरु बागवाणी'' को गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्का र भाकृअनुप.-केन्द्रीय शुष्क बागवानी संस्थान, बीकानेर (राजस्थारन) की राजभाषा पत्रिका 'मरु बागवाणी' को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्, नई दिल्लीं के द्वारा 'क' और ख'' क्षेत्रों में स्थित संस्थाानों की श्रेणी में दिया जाने वाला 'गणेश शंकर विद्यार्थी राजभाषा पत्रिका पुरस्का र (2018-19) का प्रथम पुरस्काार प्रदान किया गया है। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो (डॉ.) पी.एल. सरोज ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली के देश भर में फैले 114 संस्था्नों की हिंदी की उत्कृथष्टश पत्रिकाओं को प्रतिवर्ष यह पुरस्का्र दिया जाता है। वर्ष 2018-19 का यह प्रथम पुरस्काीर इस संस्थाेन की वार्षिक हिंदी पत्रिका 'मरु बागवाणी' को प्राप्त हुआ है। यह इस संस्थान एवं बीकानेर के लिए गौरव की बात है।


भाकअनुप-केन्‍द्रीय शुष्‍क बागवानी संस्‍थान में टिड्डी दल का हमला


एक तरफ जहां कोरोना की भयंकर महामारी से सभी प्रभावित है वहीं केन्‍द्रीय शुष्‍क बागवानी संस्‍थान, बीछवाल, बीकानेर के अनंसधान फार्म में आज दिनांक 20.05.2020 को लगभग 12:30 बजे एक बहुत बड़े टिड्डी दल ने दस्‍तक दी। यह टिड्डी दल लगभग एक घण्‍टे तक संस्‍थान परिसर में एवं शोध प्रक्षेत्र की विभिन्‍न फसलों पर मंडराता रहा है तथा कई फसलों जैसे ककड़ी, खेजड़ी अनार, किन्‍नों इत्‍यादि को नुकसान भी पहुंचाया। इस टिड्डी पर काबू पाने के लिए निदेशक महोदय के निर्देश में सभी वैज्ञानिकों, तकनीकी कर्मचारियों व श्रमिकों की सहायता से काबू पाया गया। भविष्‍य में किसी भी प्रकार के नुकसान से बचने के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

संस्थान के बारे में
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान - 1993 के बाद से बागवानी फल और सब्जी के अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में कार्य कर रहा है बार बार सूखे और चरम शुष्कता यहाँ आम घटनाएं हैं । औसत वर्षा 230 मिमी / वर्ष है । मई -जून माह गर्म (अधिकतम तापमान 42.9 0C और नियुनतम तापमान 29.6 0C) और दिसंबर -जनवरी माह में बहूत ठण्ड रहती हैं ( अधिकतम तापमान 23.70C और न्यूनतम तापमान मतलब 8.9 0C ) समसामयिक ठंढ भी जनवरी और फरवरी के दौरान अनुभव होता है । क्षेत्र की मिट्टी की उर्वरता और जल धारण क्षमता कम है।


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